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Wednesday, 24 April 2013

People do separate, love not.

वो आज भी उसके नाम की
कसमों से घबराता है ,
वो चाँद से मन्नत में
उसको ही तो चाहती है ।
वो यारों में आज भी
उसका जन्मदिन मनाता है ,
वो मेहँदी में आज भी
उसका नाम छिपाती है ।
वो बंद अकेले कमरे में
रोता है - चिल्लाता है ,
वो TEDDY को नम आँखों से
उसकी कहानियाँ सुनाती है ।
वो सोचता है
खुश होगी वो शायद
उसके यूँ चले जाने से ,
वो आज भी
समाज की
हदों में बंध जाती है।

| People do separate, love not.

जरा सा मुस्कुरा दो न :)

जरा सा मुस्कुरा दो न ,
चाँद कहता है
वो बहुत दिनों से शर्माया नही !

जरा सा मुस्कुरा दो न ,
अफीम से नशा
बड़ा महंगा पड़ता है !

जरा सा मुस्कुरा दो न ,
तितलियाँ बेघर है
फूलों ने खिलना जो छोड़ रखा है !

जरा सा मुस्कुरा दो न | :)

Tuesday, 5 March 2013

इंसानों की नगरी मिले तो

ग़ालिब की नज्में , कुरान की कसमें
सहूलियत की सीडी पर चढ़कर
यहाँ रोज रंग बदलती है..,

नशा-दौलत-मुकाम के खातिर
इंसानियत वाले मजहब की अर्थी
गली-गली निकलती है..,

इंसानों की नगरी मिले तो
कभी हमे भी सैर करना जनाब
यहाँ इश्क ,मोहब्बत की बंदरबाट में
सिर्फ शीला,मुन्नी ही चलती है ।

Sunday, 24 February 2013

My poetry Dedicated to my Father!

इक पौधा, ज़रा बढ़ा था मैं ,
खुदके साये से जब डरा था मैं,
वो' "क्योँ -क्योँ " करते सवालों को
पिचकारी से भरकर चलता था मैं,
तुम पास मेरे - हो साथ मेरे
आपके कंधो पे ही तो पला था मैं ,
क्या दर्द, क्या मुश्किल, क्या कठनाईयां
सिर्फ किताबो में ही पढ़ा इन्हें ,
तपिश धुप की या बारिश बरसाती
हरपल साथ आपका साया ,
ऊँगली-हाथ पकड़कर
कठिन डगर पर चलना सिखाया ,
किस्मत ही तो है ये मेरी
जो हर पल साथ है आपकी पितृ छाया ! :)

दिल को ICU में रखा है

"नश्तर(knife) कलेजे पे चल रहा है
अश्क सूखे से पड़े है ,
तेरा जाने का रोग ऐसा
दिल को ICU में रखा है

नब्ज़ रुकी-सी हुई है
खालीपन रूह तक भर चूका है
जख्म दिल पर गहरा लगा है
दिल को ICU में रखा है

जिंदा लाश बन चूका हूँ
तेरी यादों में घुट रहा हूँ
तेरे खोने का डर है, दिल से,
इसलिए
दिल को ICU में रख रखा है !"

तेरे नूर का influence!


तेरे नूर का influence सरकार तक है -

देखकर तेरे गली में आशिको की भीड़ को
एक highway proposed करवा दिया

और इतनी दुर्घटनाये हो जाती है
तेरी आदाओं को देखकर हमारे मोहल्ले में
एक hospital proposed करवा दिया

तेरे दीदार को दीवाने ,
घूमते है शाम-सवेरे अपनी मोपेड पे
नुक्कड़ पे एक petrol pump खुलवा दिया

तेरे नूर के influence ने
हमारे गरीब मोहल्ले को posh colony बनवा दिया !! ;)

तकिये के नीचे

तकिये के नीचे ,
तेरी यादें रखकर सोया हूँ
ओढ़कर सो लूँगा
गर ये दिल घबराए ! :)