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Sunday, 24 February 2013

My poetry Dedicated to my Father!

इक पौधा, ज़रा बढ़ा था मैं ,
खुदके साये से जब डरा था मैं,
वो' "क्योँ -क्योँ " करते सवालों को
पिचकारी से भरकर चलता था मैं,
तुम पास मेरे - हो साथ मेरे
आपके कंधो पे ही तो पला था मैं ,
क्या दर्द, क्या मुश्किल, क्या कठनाईयां
सिर्फ किताबो में ही पढ़ा इन्हें ,
तपिश धुप की या बारिश बरसाती
हरपल साथ आपका साया ,
ऊँगली-हाथ पकड़कर
कठिन डगर पर चलना सिखाया ,
किस्मत ही तो है ये मेरी
जो हर पल साथ है आपकी पितृ छाया ! :)

दिल को ICU में रखा है

"नश्तर(knife) कलेजे पे चल रहा है
अश्क सूखे से पड़े है ,
तेरा जाने का रोग ऐसा
दिल को ICU में रखा है

नब्ज़ रुकी-सी हुई है
खालीपन रूह तक भर चूका है
जख्म दिल पर गहरा लगा है
दिल को ICU में रखा है

जिंदा लाश बन चूका हूँ
तेरी यादों में घुट रहा हूँ
तेरे खोने का डर है, दिल से,
इसलिए
दिल को ICU में रख रखा है !"

तेरे नूर का influence!


तेरे नूर का influence सरकार तक है -

देखकर तेरे गली में आशिको की भीड़ को
एक highway proposed करवा दिया

और इतनी दुर्घटनाये हो जाती है
तेरी आदाओं को देखकर हमारे मोहल्ले में
एक hospital proposed करवा दिया

तेरे दीदार को दीवाने ,
घूमते है शाम-सवेरे अपनी मोपेड पे
नुक्कड़ पे एक petrol pump खुलवा दिया

तेरे नूर के influence ने
हमारे गरीब मोहल्ले को posh colony बनवा दिया !! ;)

तकिये के नीचे

तकिये के नीचे ,
तेरी यादें रखकर सोया हूँ
ओढ़कर सो लूँगा
गर ये दिल घबराए ! :)

तिलिस्म तेरी आँखों का

"तिलिस्म तेरी आँखों का
ऊपर से ये मस्कारा..,
हम मदहोशी में रहते है
क्या जादू-टोना कर डाला|" :)

Couplets

1. "करवा-चोथ की चाँदनी में , मेहँदी में नाम छुपाना
शर्माकर मुझे बताना , रचने पे खूब इतराना।"

2. "होड़ - दौड़ से कैसे बचूं , कैसे रहूँ मैं दूर
मुट्ठी भर है छाँव यहाँ, आसमान भर धुप।" 


3. "खूब बिगडैल औलादें पडोसी देश में हैं ,
कुछ यहाँ , नेताओं के वेश में हैं !"

नया दीवाना शहर में

उकता से गए हो शायद तुम हमसे
या फिर कोई नया दीवाना शहर आया मालूम होता है । :)